हॉप शूट्स (hop shoots) के बारे में अब तक कोई नहीं जान रहा था लेकिन अब जब बिहार में इस सब्जी की चर्चा होना शुरु हो गया है तब-से लोग इसके बारे में बहुत सर्च कर रहे है तो चलिए आज विस्तार से जानते है हॉप शूट्स क्या है, हॉप शूट्स के फायदे क्या है और इसके क्या नुकसान है|

Hop shoots price in India – हॉप शूट फसल की कीमत

बिहार में एक किसान ने हॉप शूट्स नाम की फसल उगाई जिसकी बाजार में कीमत १ लाख रुपये किलो के करीब है इसका मतलब यह विश्व की सबसे महगी सब्जी मानी जा सकती है, अब भारत में लोग इसकी खेती करना बड़े पैमाने पर शुरु कर देगे|

हॉप शूट्स के उपयोग : use of hope shoots plant

  • होप शूट्स का उपयोग दवाइयाँ बनाने में किया जाता है, इसका उपयोग वाइन बनाने में भी होता है और टीबी के मरीजो के लिए यह काफी फायदेमंद होता है|
  • हॉप शूट्स का उपयोग लोग सब्जी बनाने में भी करते है, इस सब्जी की टहनी काफी नरम होती है जिनका इस्तेमाल सलाद बनाने में भी होता है|
  • हॉप शूट्स का अचार भी बनाया जाता है|

Why hop shoots are so expensive – हॉप शूट्स इतना महंगा क्यों है

  • हॉप शूट्स के फूलो की डिमांड मार्केट में काफी अधिक है जिसका विशेष कारण यह है की उसका उपयोग वाइन और बियर बनाने में होता है | हॉप शूट्स के फूलो को हॉप कोंस कहा जाता है ये बियर में कडवाहट, फ्लेवर देने का काम करते है|
  • हॉप फसल दवाइयों के क्षेत्र में भी काफी आगे है, हॉप शूट्स का इस्तेमाल टीबी के मरीजो के लिए एंटी बॉडीज बनाने में किया जाता है, हॉप शूट्स कैंसर की दवा में भी फायदे कारक है |
  • इनका इस्तेमाल त्वचा में निखार लाने के लिए भी होता है क्योंकि ये एंटी ओक्सिडेंट का काम करते है|

हॉप शूट्स की खेती कैसे करे ? how hop shoots are cultivated

हालाँकि, संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के अधिकांश क्षेत्रों में हॉप्स उगाए जाते हैं, व्यावसायिक उत्पादन के लिए हॉप्स की खेती के लिए एक विशेष वातावरण की आवश्यकता होती है। जैसा कि हॉप्स एक चढ़ने वाला पौधा होता है, उन्हें तार या तारों से बने ट्रेलेज़ को बड़ा करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है जो पौधों का समर्थन करते हैं और एक ही सूर्य के प्रकाश की प्रोफ़ाइल के साथ उन्हें अधिक से अधिक विकास की अनुमति देते हैं। इस तरह, फसल के विकास के लिए संरचनात्मक कोशिकाओं के निर्माण के लिए आवश्यक ऊर्जा को भी मुक्त किया जाता है।

हॉप प्लांट में नर और मादा फूल अलग-अलग पौधों पर विकसित होते हैं, कभी कभी एक ही पौधे में नर और मादा दोनों फूल आ जाते है केवल महिला पौधों को हॉप क्षेत्रों में उगाया जाता है। मादा पौधों को वानस्पतिक रूप से प्रचारित किया जाता है, और यदि पौधों को बीजों से उगाया जाता है, तो नर पौधों को खींच लिया जाता है।

हॉप पौधों को 2 से 2.5 मीटर (7 से 8 फीट) के अलावा पंक्तियों में लगाया जाता है। प्रत्येक वसंत में, जड़ें नए सिरे को भेजती हैं जो जमीन से एक उपरि ट्रेलिस तक शुरू होती हैं।

हार्वेस्ट गर्मियों के अंत के करीब आता है, जब डब्बे को नीचे खींच लिया जाता है और फूलों को सुखाने के लिए एक हॉप हाउस या ओस्ट हाउस में ले जाया जाता है। हॉप हाउस दो मंजिला इमारतें हैं, जिनमें से ऊपरी माले  में एक ढाल नुमा फर्श होता है । यहां फूलों को डाला जाता है और यहां तक ​​कि उन्हें उगाया जाता है। निचले तल पर एक हीटिंग यूनिट का उपयोग हॉप्स को सुखाने के लिए किया जाता है। जब सूख जाता है, तो हॉप्स को एक प्रेस, एक मजबूत बाक्स के साथ एक प्लंजर में ले जाया जाता है |

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By Avnish Singh

Hii. I am Avnish Singh, By education i am a mechanical engineer and and a passionate blogger and freelancer. In Mera Up Bihar I write interesting articles which provides useful information to my readers.

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