कोरोना वायरस पर निबंध
Nibandh Avnish Singh  

कोविड १९ पर निबंध in Hindi | Essay On Covid-19 for Class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10

चलिए आज हम कोविड १९ पर निबंध लिखते है | कोरोना वायरस आज पूरी दुनिया में फैला हुआ है और आज तक इसने न जाने कितनी ही जाने ले ली है | आज हम कोविद १९ के निबंध में कोरोना वायरस से जुडी सारी बातो के बारे में चर्चा करेगे जैसे कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहा हुई, कोरोना के लक्षण क्या है, कोरोना से बचने के उपाय क्या है इत्यादि.

यदि आप कक्षा १,२,३,४,५,६,७,८,९,१० में पढ़ रहे है तो आप इस निबंध को अपनी नोटबुक में लिखकर अपनी टीचर को दिखा सकते है | चलिए तो शुरु करते है कोविद १९ पर निबंध या कहे Essay on Covid-19 in Hindi for Class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10.

कोरोना वायरस क्या है ?

कोरोना एक प्रकार का वायरस है जो मनुष्यों के श्वसन तंत्र को नुकसान पहुचाता है | २०१९ में चीन के वुहान शहर में कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पाया गया जिसे कोविड-१९ नाम दिया गया. Covid-19 अर्थात कोरोना वायरस डिजीज और २०१९ में पाए जाने के कारन इसके पीछे १९ लगा दिया गया तब यह कोविद-१९ हो गया.

कोरोना वायरस की उत्पति कहा हुई?

वैज्ञानिक अभी पता लगाने में लगे हुए है की कोरोना वायरस की उत्पत्ति कहा से हुई है. कुछ का मानना है की वायरस की उत्पत्ति चमगादड़ो से हुई है या तो फिर यह वुहान की वायरोलोजी लैब से लीक हुआ है. अभी तक इसकी उत्पत्ति का सही से पता नहीं लगाया जा सका है परन्तु मानव से मानव में इस वायरस के फैलने का पहला केस चीन के वुहान शहर से मिला है इसलिए फ़िलहाल कोविद-१९ की उत्पति का स्थल चीन के वुहान शहर को माना जा रहा है.

कोरोना वायरस के लक्षण क्या है ?

कोरोना वायरस के मरीजो में विभिन्न प्रकार के लक्षण पाए जाते है – हल्के लक्षणों से लेकर गंभीर बीमारी तक। वायरस के संपर्क में आने के 2-14 दिनों बाद लक्षण दिखाई दे सकते हैं। किसी को भी हल्के से लेकर गंभीर लक्षण हो सकते हैं। नीचे दिए गए लक्षणों वाले रोगियों में कोविद-१९ का खतरा हो सकता है.

  • बुखार या ठंड लगना
  • खांसी
  • सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई
  • थकान
  • मांसपेशियों या शरीर में दर्द
  • सरदर्द
  • स्वाद या गंध न आना
  • गले में खरास
  • बंद या बहती नाक
  • उलटी
  • दस्त

कई बार लोगो को कोविद-१९ होने के बावजूद उनमे ऊपर दिए गए कोई लक्षण नहीं पाए गए है. कोरोना वायरस समय के साथ अपने अन्दर कोई न कोई बदलाव लाता रहता है जिसे म्युटेशन कहा जाता है जिसके कारण लोगो में अलग अलग लक्षण पाए जाते है और कभी कभी जान जाने का खतरा भी बढ़ जाता है.

कोरोना वायरस से बचने के उपाय

कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सोशिअल दिस्टेंसिंग बहुत जरूरी है. किसी भी व्यक्ति से कम से कम २-३ फीट की दुरी बनाये रखे और मुह और नाक को मास्क से ढक कर रखे |

  • अपने हाथों को बार-बार साफ करें। साबुन और पानी, या अल्कोहल-आधारित हैंड रब का प्रयोग करें।
  • खांसने या छींकने वाले किसी भी व्यक्ति से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
  • जब फिजिकल डिस्टेंसिंग संभव न हो तो मास्क पहनें।
  • अपनी आंख, नाक या मुंह को न छुएं।
  • खांसते या छींकते समय अपनी नाक और मुंह को अपनी मुड़ी हुई कोहनी या टिशू से ढक लें।
  • अगर आप अस्वस्थ महसूस करते हैं तो घर पर रहें।
  • यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई है, तो चिकित्सकीय सहायता लें।

कोरोना वायरस का भारत पर असर

कोरोना वायरस भारत में फरवरी २०१९ में आया था लेकिन उस समय भारत में बहुत ही कम केस थे. मार्च १६ २०१९ को भारत सरकार का आदेश आया और सारे स्कूल बंद कर दिए गए कुछ दिन बाद २१ तारीख को जनता कर्फ्यू रखा गया. २४ अप्रैल को भारत में १४ दिन का संपूर्ण लोकडाउन लगाया गया.

  • ५ अप्रैल को प्रधानमत्री मोदीजी ने सभी देशवासियों को दीये जलाने को कहा, इसका मकसद कोरोना के खिलाफ लड़ने के लिए लोगो में एकता लाने का था.
  • १४ अप्रैल को लॉकडाउन ३ मई के लिए बढ़ा दिया गया.
  • २९ अप्रैल को देश में मौत का आकड़ा १००० के पार पहुच गया.
  • १ मई को श्रमिको के लिए रेल गाडी की व्यवस्था की गयी और स्पेशल ट्रेन चलायी गयी.
  • ४ मई को फिर से लॉक डाउन १७ मई तक के लिए बढ़ा दिया गया.
  • १७ मई को लॉक डाउन एक बार फिर से बढाया गया और ३१ मई तक कर दिया गया.
  • १ जून को भारत दुनिया का सबसे ज्यादा संक्रमित देश बना.
  • ८ जून से लॉक डाउन खोलने की शुरुआत की गयी

फरवरी २०२१ से भारत में बहुत सारे राज्यों ने स्कूल और कालेजो को खोलने की परमिशन दे दी. मार्च में भारत में कोरोना का असर फिर से शुरू हो गया और धीरे धीरे केस फिर से बढ़ने लगे. स्कूल कालेजो को फिर से बंद कर दिया गया और अप्रैल २०२१ में भारत में कई राज्यों ने फिर से सम्पुर्ण लॉक डाउन की घोषणा की. अप्रैल में प्रतिदिन भारत में १ लाख से ज्यादा केस आ रहे थे और बहुत सारे लोगो की जाने चली गयी .

भारत में जून २०२१ तक लगभग ३ करोड़ कोरोना के केस पाए गए जिनमे से २.९ करोड़ लोग रिकवर हो गए. भारत में अब तक ४ लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस के कारण अपनी जान गवा चुके है.

कोरोना की वैक्सीन

पूरी दुनिया की कंपनिया कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने में लगी हुई थी और आखिरकार अंत में कंपनियों को सफलता हासिल हुई. पूरी दुनिया में लोगो को कोरोना की वैक्सीन लगायी जा रही है. भारत में कोवीशील्ड और को-वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. २०२१ के अंत तक बहुत सारे लोग अपना टीकाकरण करा चुके होगे.

निष्कर्ष

कोरोना वायरस ने भारत ही नहीं बल्कि पुरे विश्व को बहुत नुकसान पहुचाया है. कितने लोगो ने अपने परिवार जनों का खोया और न जाने कितने लोगो की आर्थिक स्तिथि ख़राब हो गयी. इतना सब कुछ होने के बावजूद पूरी दुनिया ने इसका डटकर सामना किया, समय आने पर सभी देशो ने एक दुसरे की मदद की और अपने देशवासियों का साथ दिया.

यह बताता है की विश्व भविष्य में आने वाली आपदाओ से लड़ने के लिए तैयार है और जरुरत पड़ने पर एक दुसरे का सहयोग करने से पीछे नहीं हटेगे. साथ मिलकर बड़ी से बड़ी समस्या से भी लड़ा जा सकता है.

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